
जयपुर। राजस्थान राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। चतुर्वेदी ने मंगलवार को आंकड़ों के साथ स्पष्ट किया कि राज्य में कोई वित्तीय संकट नहीं है और कांग्रेस केवल भ्रामक जानकारी एवं दुष्प्रचार की राजनीति कर रही है।
प्रति व्यक्ति आय में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
चतुर्वेदी ने बताया कि भाजपा सरकार के आर्थिक सुधारों के कारण राज्य की प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2023-24 में जहां प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 67 हजार 27 रुपये थी, वह अब बढ़कर 2 लाख 2 हजार 349 रुपये हो गई है। यह वर्ष 2025-26 में 21.15 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी को दर्शाता है।
कर्ज का जाल बनाम वित्तीय प्रबंधन
वित्त आयोग अध्यक्ष ने पिछली कांग्रेस सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस ने अपने 5 साल के कार्यकाल में राज्य को कर्ज के दलदल में धकेला।
• कांग्रेस का दौर: वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच कांग्रेस ने 2 लाख 56 हजार 911 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज लिया।
• भाजपा का प्रबंधन: वर्तमान सरकार ने ऋण को GSDP के 36.80% पर रखने का लक्ष्य रखा है, जो FRBM की तय सीमा (38.20%) से काफी कम है।
GSDP वृद्धि दर और केंद्रीय सहायता
आंकड़ों के अनुसार, कांग्रेस शासन में GSDP की औसत वृद्धि दर मात्र 5.3% थी, जो अब भाजपा राज में बढ़कर 8.7% हो गई है।
केंद्र सरकार की SASCI (पूंजी निवेश हेतु राज्यों को विशेष सहायता) योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस को 5 साल में केवल 15,803 करोड़ रुपये मिले थे, जबकि भजनलाल सरकार ने मात्र 2 साल में 19,600 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त कर ली है। इसके अलावा, केंद्रीय करों के हिस्से में भी राज्य को कांग्रेस शासन की तुलना में लगभग दोगुनी राशि प्राप्त हो रही है।
“कांग्रेस केवल अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए जनता के बीच झूठ परोस रही है। असलियत यह है कि राजस्थान अब विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।” – अरुण चतुर्वेदी, अध्यक्ष, राज्य वित्त आयोग


