
जयपुर। राजधानी जयपुर में आयोजित होने वाले पत्थर उद्योग के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय समागम ‘इंडिया स्टोनमार्ट 2026’ की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। आयोजन की निर्विघ्न सफलता और मंगल कामना के लिए आज आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने जयपुर के आराध्य देव श्री गोविंद देव जी मंदिर में दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया।
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सांस्कृतिक और औद्योगिक पहचान को मिलेगा नया विस्तार
आयोजकों ने मंदिर में प्रार्थना करते हुए संकल्प लिया कि यह प्रदर्शनी न केवल प्राकृतिक पत्थर उद्योग (Natural Stone Industry) को वैश्विक मंच प्रदान करेगी, बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक और व्यापारिक विरासत को भी मजबूती देगी।
इस अवसर पर इंडिया स्टोनमार्ट 2026 के कन्वीनर श्री नटवर अजमेरा, सीडीओएस के वाइस चेयरमैन श्री दीपक अजमेरा और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने विश्वास जताया कि ईश्वर की कृपा और टीम वर्क के समन्वय से यह आयोजन उद्योग जगत के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर (Milestone) साबित होगा।
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आयोजन की मुख्य विशेषताएं
इंडिया स्टोनमार्ट 2026 केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि स्टोन सेक्टर के लिए संभावनाओं का द्वार है:
• तारीख: 5 से 8 फरवरी, 2026
• स्थान: जयपुर एग्ज़िबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (JECC), सीतापुरा
• प्रमुख आकर्षण: मार्बल, ग्रेनाइट, सैंडस्टोन, माइनिंग मशीनरी, प्रोसेसिंग टूल्स और स्टोन आर्ट।
• उद्देश्य: ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देना।
वैश्विक निवेशकों और स्थानीय कारीगरों का संगम
आयोजन समिति के अनुसार, इस चार दिवसीय प्रदर्शनी में देश-विदेश के विशेषज्ञ, खरीदार और निवेशक जुटेंगे। राजस्थान, जो देश का अग्रणी स्टोन उत्पादक राज्य है, वहां के MSME सेक्टर और स्थानीय कारीगरों को सीधे वैश्विक खरीदारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल निर्यात बढ़ेगा, बल्कि लाखों लोगों की आजीविका को भी नई गति मिलेगी।
कार्यक्रम के अंत में सभी पदाधिकारियों ने आपसी समन्वय और सकारात्मक ऊर्जा के साथ इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन को सफल बनाने का सामूहिक संकल्प दोहराया।


