
253वीं बोर्ड बैठक में अहम फैसलों को मिली मंजूरी, अतिक्रमण रोकने को बनेगी प्रवर्तन शाखा
जयपुर: राजस्थान आवासन मंडल अनिस्तारित संपत्तियों के समाधान के लिए जल्द नई नीति लाने जा रहा है। यह निर्णय शुक्रवार को राजस्थान आवासन मंडल मुख्यालय में आयोजित मंडल की 253वीं बोर्ड बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता नगरीय विकास विभाग के प्रमुख शासन सचिव एवं मंडल अध्यक्ष देबाशीष पृष्टी ने की।
बैठक में बुधवार नीलामी एवं प्रीमियम संपत्तियों की नीलामी को मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया को आमजन के बढ़ते विश्वास का संकेत बताया गया। मंडल अध्यक्ष ने जानकारी दी कि नवंबर माह में किए गए ऑक्शन के माध्यम से अलवर, जोधपुर और जयपुर में कुल 81 संपत्तियों से लगभग 317 करोड़ 82 लाख 52 हजार रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
उन्होंने मिशन मोड में भूमि चिन्हांकन कर नई आवासीय योजनाएं शुरू करने, ड्रोन सर्वे कराने तथा आरएफएसडीएल के माध्यम से वर्षों से लंबित संपत्तियों की स्टडी कर उनके समयबद्ध निस्तारण हेतु नीति तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर एवं शासन सचिव (बजट) राजन विशाल की उपस्थिति में विभिन्न आवासीय योजनाओं के विकास कार्यों के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृतियां भी प्रदान की गईं।
अतिक्रमण हटाने को लेकर मंडल सख्त

राजस्थान आवासन मंडल अपनी संपत्तियों की सुरक्षा और अतिक्रमण की रोकथाम के लिए जल्द ही प्रवर्तन शाखा का गठन करेगा। इस प्रस्ताव को बोर्ड बैठक में मंजूरी दी गई, जिसके बाद इसे वित्त विभाग को भेजा जाएगा। प्रवर्तन शाखा में विभिन्न पदों पर कुल 51 पुलिस कर्मी प्रतिनियुक्ति पर कार्य करेंगे।
आवासन आयुक्त डॉ रश्मि शर्मा ने निर्णयों की त्वरित क्रियान्विति और लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने मंडल की संपत्तियों का सीमांकन कर साइनेज, फेंसिंग एवं आवश्यकतानुसार चारदीवारी कर सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर राजन विशाल, मंडल सचिव गोपाल सिंह, उप सचिव डॉ अशोक कुमार, मुख्य अभियंता अमित अग्रवाल, टीएस मीणा, प्रतीक श्रीवास्तव, वित्तीय सलाहकार केसी कुमावत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


