
जयपुर। उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी ने राज्य विधान सभा में आय-व्ययक अनुमान 2026-27 पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि यह बजट विकसित राजस्थान का ब्लू प्रिंट है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार वर्ष 2047 तक राजस्थान को विकसित राज्य बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि बजट गरीब, युवा, किसान और महिला सम्मान को समर्पित है। राज्य सरकार ग्रोथ इंजन के रूप में कार्य कर रही है और प्रदेश की जीएसडीपी में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2026-27 में जीएसडीपी 21 लाख 52 हजार 100 करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जो वर्ष 2023-24 की तुलना में 41 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्शाता है।
वित्त मंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में 68 हजार 989 करोड़ रुपये तथा कृषि क्षेत्र में 1 लाख 19 हजार 408 करोड़ रुपये के प्रावधान की जानकारी दी, जो पूर्व बजट की तुलना में 34-35 प्रतिशत अधिक है।
उन्होंने बताया कि 91 लाख से अधिक पेंशनरों को 28 हजार 400 करोड़ रुपये की पेंशन दी गई है। 4 लाख सरकारी नौकरियों के संकल्प में से 1 लाख से अधिक नियुक्तियां दी जा चुकी हैं तथा 1 लाख 43 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है।
महत्वपूर्ण घोषणाएं
• सड़क विकास, मरम्मत एवं उन्नयन के लिए 690 करोड़ रुपये
• क्षतिग्रस्त पेयजल पाइपलाइन बदलने के लिए 150 करोड़ रुपये
• 1 लाख बालिकाओं एवं महिलाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण
नीमराणा औद्योगिक क्षेत्र में जल आपूर्ति हेतु 1012 करोड़ रुपये की परियोजना
• लूणकरणसर में मिनी सचिवालय
• गोविन्दगढ़ (अलवर) में सहायक अभियंता (पीएचईडी) कार्यालय
• झोटवाड़ा (जयपुर) में सहायक अभियंता (विद्युत) कार्यालय
• चाबा (शेरगढ़) में पुलिस चौकी
• धावा (लूणी) में पुलिस थाना
इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य, शिक्षा, औद्योगिक विकास, पेयजल, विद्युत, शहरी विकास एवं आधारभूत संरचना के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं।
वित्त मंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार के समन्वय से पूंजीगत व्यय 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक होगा, जिससे प्रदेश में तीव्र विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।


