
जयपुर । गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा हाल ही में लाए गए नए कानून को लेकर विपक्ष ने गहरी आपत्ति जताई है और इसे अचानक व अलोकतांत्रिक बताया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि इस कानून के लागू होने से राजनीतिक भय का माहौल बन सकता है, और लोकतंत्र की मूल आत्मा को ठेस पहुंचेगी।Thank you for reading this post, don’t forget to subscribe!
अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की “वोट चोरी” यात्रा को मिल रहे जबरदस्त जनसमर्थन के बीच यह कानून लाना संदेहास्पद है।
अशोक गहलोत ने पूछा कि –
“ऐसी क्या स्थिति बन गई कि इस तरह का कानून लाना आवश्यक हो गया? कितने नेताओं ने जेल में रहकर इस्तीफा नहीं दिया? क्या यह कदम केवल विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए है?
विपक्ष ने यह भी कहा कि पूर्व में जयललिता, लालू यादव, और झारखंड के मुख्यमंत्री जैसे नेताओं ने स्वेच्छा से पद छोड़ा था। “खाली केजरीवाल जी ने इस्तीफा नहीं दिया, तो क्या इसके लिए पूरे देश पर भय का कानून थोपना उचित है?”









