कोटा/जयपुर। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने शुक्रवार को कोटा जिले के खैराबाद पंचायत समिति के उंडवा गांव में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के तहत आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने ₹66.36 लाख की लागत से नवनिर्मित विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया और किसानों को कृषि उपकरणों का वितरण किया।
“चरागाह नष्ट हुए तो संतुलन बिगड़ जाएगा”
जनसभा को संबोधित करते हुए मंत्री मदन दिलावर ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “चरागाह का विकास और संरक्षण आज की सबसे बड़ी जरूरत है। यदि चरागाह नष्ट होंगे, तो प्रकृति का संतुलन बिगड़ जाएगा, जो भविष्य में मानव जीवन के लिए बड़ा संकट पैदा करेगा।” उन्होंने आगे कहा कि हमें जल संरचनाओं जैसे कुएं, बावड़ियां और तालाबों को बचाना होगा। पेड़ और जल संचयन के बिना प्रकृति की रक्षा संभव नहीं है।
इन विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण
मंत्री ने कुल ₹66.36 लाख के कार्यों की सौगात दी, जिनमें प्रमुख हैं:
• शिक्षा क्षेत्र: उंडवा, मंडा और डोडखेड़ी के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में करीब ₹10.90 लाख की लागत से बने प्रार्थना स्थल (टीन शेड) का लोकार्पण।
• जल संरक्षण: ग्राम गोयदा (लसाडिया), गोयन्दा और उंडवा (बांदा) में करीब ₹55.46 लाख की लागत से बने एनीकट और तालाब संबंधी कार्यों का उद्घाटन।
किसानों को बांटे आधुनिक कृषि उपकरण
उत्पादक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के तहत क्षेत्र की 5 ग्राम पंचायतों (उंडवा, देवली खुर्द, गोयन्दा, धरनावद और मंडा) के किसानों को उपकरण वितरित किए गए:
• 734 स्प्रे मशीन
• 367 सीड ग्रेडर
• 109 फव्वारा सेट
• 197 मेंजर (खोर)
₹1113.42 लाख की परियोजना से बदलेगी तस्वीर
रामगंज मंडी विधानसभा क्षेत्र में संचालित कोटा-डब्ल्यूडीसी-5/2025-26 परियोजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि इसकी कुल लागत ₹1113.42 लाख है। इस बड़ी योजना के तहत आने वाले समय में 7 मिट्टी के चेक डैम, 25 एनीकट, चरागाह विकास, अमृत सरोवर और बावड़ियों के जीर्णोद्धार जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे।
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, जल ग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण व किसान मौजूद रहे।











