इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई अहम शांति वार्ता बिना किसी नतीजे के ख़त्म हो गई है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने प्रेस को संबोधित करते हुए साफ़ कहा, ‘हम बिना किसी समझौते के लौट रहे हैं।’ वार्ता क़रीब 21 घंटे तक चली, लेकिन दोनों पक्ष मध्य पूर्व के युद्ध को लेकर स्थायी शांति पर सहमत नहीं हो पाए। होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोलने समेत कई बड़े मुद्दों पर बातचीत अटक गई।
पाकिस्तान का प्रयास नाकाम?
मध्य पूर्व में अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच क़रीब 40 दिनों तक चले युद्ध के बाद दोनों पक्षों ने हाल ही में दो हफ्ते का अस्थायी संघर्ष-विराम घोषित किया। इसको स्थायी शांति में बदलने के लिए पाकिस्तान की मदद से इस्लामाबाद में सीधी बातचीत शुरू हुई। अमेरिका की टीम का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे थे। उनके साथ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकोफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर भी शामिल थे। ईरान की तरफ़ से भी उच्च स्तर के अधिकारी मौजूद थे। पाकिस्तान ने इस वार्ता को कराने में बड़ी भूमिका निभाई। लेकिन इसके बावजूद वार्ता बेनतीजा रही। खुद जेडी वेंस ने इसकी जानकारी दी है।
जेडी वेंस ने क्या कहा?
वार्ता ख़त्म होने के बाद सुबह प्रेस ब्रीफिंग में जेडी वेंस ने कहा, ‘हमने ईरान के साथ कई गंभीर और काफ़ी अहम चर्चाएं कीं। यही अच्छी ख़बर है। बुरी ख़बर यह है कि हम कोई समझौता नहीं कर पाए। मुझे लगता है कि यह ईरान के लिए अमेरिका से ज़्यादा बुरी खबर है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘हमने अपनी रेड लाइंस बहुत साफ बता दी थीं। हम किन बातों पर सहमत हो सकते हैं और किन पर नहीं, यह हमने पूरी तरह साफ़ कर दिया था। लेकिन ईरान हमारे प्रस्तावों को स्वीकार करने को तैयार नहीं हुआ।’
‘US लचीला, शर्तें मानने से ईरान का इनकार’
वेंस ने बताया कि अमेरिका ने लचीला रवैया दिखाया, लेकिन ईरान ने कुछ शर्तें मानने से इनकार कर दिया। मुख्य मुद्दों में होर्मुज़ स्ट्रेट को खोलना, ईरान का परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्र में लंबे समय तक शांति बनाए रखना शामिल थे।






