जयपुर। राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा सरकार पर लगाए गए आरोपों पर करारा पलटवार किया है। दिलावर ने कहा कि गहलोत अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख बौखला गए हैं और सुर्खियों में बने रहने के लिए “बचकाना” बयानबाजी कर रहे हैं।
“संविधान की दुहाई देना कांग्रेस को शोभा नहीं देता”
दिलावर ने गहलोत के ‘कांस्टीट्यूशन ब्रेकडाउन’ वाले बयान पर तंज कसते हुए कहा कि जिस पार्टी ने 1975 में देश पर आपातकाल थोपा, वह आज लोकतंत्र की बात कर रही है। उन्होंने कहा, “गहलोत जी का बयान ‘सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली’ वाली कहावत को चरितार्थ करता है। कांग्रेस ने खुद 13 सालों तक चुनाव नहीं कराए और आज हम पर उंगली उठा रहे हैं।”
चुनावों को लेकर सरकार का पक्ष
स्थानीय निकायों के चुनावों में देरी के आरोपों पर शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि:
• भाजपा सरकार कानून और माननीय न्यायालय का पूरा सम्मान करती है।
• सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार, ओबीसी आयोग की रिपोर्ट की सिफारिशों के बाद ही चुनाव कराए जा सकते हैं।
• सरकार वर्तमान में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आयोग की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
• रिपोर्ट मिलते ही कानूनी विशेषज्ञों से राय लेकर ओबीसी वर्ग का आरक्षण सुनिश्चित करते हुए शीघ्र चुनाव कराए जाएंगे।
पिछली सरकार के ‘काले अध्यायों’ की दिलाई याद
मदन दिलावर ने गहलोत सरकार के कार्यकाल को याद दिलाते हुए कहा कि असली ‘संवैधानिक संकट’ तब था जब:
1. मुख्यमंत्री के इशारे पर राजभवन में धरना देकर राज्यपाल के सम्मान को ठेस पहुंचाई गई।
2. गहलोत ने अपने ही सहयोगियों के लिए ‘नाकारा, निकम्मा और मक्कार’ जैसे शब्दों का प्रयोग किया।
3. होटलों में सरकार चलाने का दौर लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या थी।
दिलावर ने अंत में कहा कि कांग्रेस पार्टी से ज्यादा लोकतंत्र का गला घोंटने वाला कोई नहीं है और अशोक गहलोत अनर्गल बयानबाजी कर जनता को गुमराह करने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं।












