जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर में आरएनजीसीए (RNGCA) संस्था द्वारा ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ विषय पर एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रसिद्ध सीए (CA) श्रीमती मेघा धानुका ने शिरकत की। उन्होंने इस अधिनियम को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक मील का पत्थर बताते हुए इसकी महत्ता पर विस्तार से चर्चा की।
महिला नेतृत्व से मजबूत होगा राष्ट्र निर्माण
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए श्रीमती धानुका ने कहा कि महिलाएँ देश की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करती हैं। राष्ट्र निर्माण और नीति निर्धारण की प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी अब विकल्प नहीं बल्कि अनिवार्यता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा:

“जब महिलाएँ निर्णय लेने वाले पदों पर अधिक संख्या में आसीन होंगी, तब समाज में समानता और न्याय की नींव और अधिक मजबूत होगी।”
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन की सराहना
श्रीमती धानुका ने राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के महिला कल्याणकारी विजन की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश को पहली बार ऐसा मुख्यमंत्री मिला है जो सीधे महिलाओं की समस्याओं को सुनते हैं और मुख्यमंत्री निवास पर उनसे संवाद कर उनका त्वरित निराकरण करते हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि जहाँ प्रधानमंत्री ‘मन की बात’ के जरिए देश से जुड़ते हैं, वहीं इस अधिनियम के माध्यम से उन्होंने अपनी बहनों की ‘दिल की बात’ सुनी है और उन्हें हक दिया है।
राजनीति की बदलेगी दिशा और दशा
सीए मेघा धानुका ने स्पष्ट किया कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को मिलने वाला 33 प्रतिशत आरक्षण आने वाले समय में भारतीय राजनीति के परिदृश्य को पूरी तरह बदल देगा।
• यह कानून भविष्य की महिला नेतृत्व को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा।
• एक समावेशी और मजबूत भारत के सपने को साकार करने में मदद मिलेगी।
युवाओं में उत्साह:
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित छात्राओं और युवतियों ने भी इस अधिनियम का स्वागत किया। उन्होंने माना कि यह कानून उनके भविष्य और करियर के लिए सर्वोपरि साबित होगा।











