78वें आर्मी डे परेड का संयुक्त कर्टन रेज़र कार्यक्रम आयोजित
साहस और संकल्प के साथ भारतीय सेना ने हर चुनौती का किया सामना – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

Facebook
X
WhatsApp
Email
Telegram

जयपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आर्मी डे भारत के गौरवशाली इतिहास, सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक है। यह दिन भारतीय सेना के अप्रतिम शौर्य, कठोर अनुशासन, अतुलनीय बलिदान और अटूट राष्ट्रभक्ति को नमन करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि यह राजस्थान के लिए गौरव का विषय है कि 78वीं आर्मी डे परेड 2026 की मेजबानी जयपुर कर रहा है।
मुख्यमंत्री शनिवार को जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी में आयोजित 78वें आर्मी डे परेड के संयुक्त कर्टन रेज़र कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि आर्मी डे परेड 2026 पहली बार सैन्य छावनी से बाहर जगतपुरा के महल रोड पर आम नागरिकों के बीच आयोजित की जाएगी। इससे सेना और नागरिकों के बीच विश्वास, जुड़ाव और सम्मान का रिश्ता और सुदृढ़ होगा। परेड में लड़ाकू विमानों व हेलीकॉप्टरों की फ्लाई-पास्ट, सैन्य टुकड़ियों का मार्च, ड्रोन तकनीक और आधुनिक युद्ध क्षमताओं का प्रदर्शन किया जाएगा।


8 से 12 जनवरी तक ‘नो योर आर्मी’ प्रदर्शनी


मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्मी डे के अवसर पर एसएमएस स्टेडियम में आयोजित होने वाली ‘शौर्य संध्या 2026’ के दौरान फर्स्ट डे कवर का विमोचन, शहीदों के परिजनों का सम्मान, पारंपरिक युद्ध कलाओं का प्रदर्शन तथा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भव्य लाइट एंड साउंड शो आयोजित किया जाएगा। इस दौरान 1000 ड्रोन का विशेष शो भी आकर्षण का केंद्र रहेगा।
उन्होंने बताया कि 8 से 12 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाली ‘नो योर आर्मी’ प्रदर्शनी में आमजन को भारतीय सेना की आधुनिक हथियार प्रणालियों, रक्षा तकनीकों और सैन्य क्षमताओं को नजदीक से देखने का अवसर मिलेगा।


राजस्थान की धरती शौर्य और बलिदान की भूमि


मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947-48, 1965, 1971 के युद्धों से लेकर 1999 के कारगिल युद्ध और हाल के सैन्य अभियानों तक भारतीय सेना ने हर चुनौती का साहस और संकल्प के साथ सामना किया है। ऑपरेशन पराक्रम, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों ने दुनिया को भारतीय सेना की क्षमता और दृढ़ संकल्प से परिचित कराया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की धरती वीरता और बलिदान की भूमि है, जिसके कण-कण में शौर्य की गाथाएं समाहित हैं।
सप्त शक्ति कमांड के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने कहा कि भारतीय सेना ने पहाड़ों से लेकर रेगिस्तान तक देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए आतंकवाद और नक्सलवाद से प्रभावी मुकाबला किया है। साथ ही प्राकृतिक आपदाओं में भी सेना ने सदैव नागरिकों की सहायता की है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कीर्ति चक्र से सम्मानित (मरणोपरांत) नायक मेघ राज सिंह, सेना मेडल से सम्मानित (मरणोपरांत) हवलदार राम सिंह शेखावत, लांस नायक बंशीधर यादव की वीरांगनाओं को सम्मानित किया। इसके साथ ही सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर जीवन राजपुरोहित, सूबेदार अर्जुन सिंह राठौर और हवलदार मदन सिंह काजला को भी सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर आर्मी डे परेड 2026 पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। कार्यक्रम में सेना के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, पूर्व सैनिक, शहीदों की वीरांगनाएं, एनसीसी कैडेट्स सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें: विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने अजमेर के खरेखड़ी में विकास कार्यों का किया शुभारंभ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *