कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले, राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति-2025 को मंजूरी, एआई नवाचार का केंद्र बनेगा प्रदेश

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जयपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के पर्यावरण संरक्षण, हरित एवं टिकाऊ विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, औद्योगिक निवेश और कर्मचारी कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में नई नीतियों के अनुमोदन के साथ-साथ राजस्थान रिफाइनरी परियोजना की संशोधित लागत को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
वैज्ञानिक और पर्यावरणीय मानकों से होगी वाहनों की स्क्रैपिंग
कैबिनेट बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल ने प्रेसवार्ता में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बजट 2025-26 की घोषणा की अनुपालना में राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति-2025 को मंजूरी दी गई है। इस नीति के तहत अपंजीकृत, अनफिट, प्रदूषणकारी एवं कबाड़ वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर वैज्ञानिक, सुरक्षित और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप स्क्रैप किया जाएगा।
नीति के अंतर्गत राज्य में पंजीकृत व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटीज की स्थापना को बढ़ावा दिया जाएगा। स्क्रैपिंग की पूरी प्रक्रिया डिजिटल, पारदर्शी और ट्रेस योग्य होगी तथा वाहन पोर्टल से एकीकृत रहेगी।
नए वाहन की खरीद पर टैक्स में मिलेगी छूट
नीति के अनुसार 15 वर्ष से अधिक पुराने सरकारी वाहन, पंजीकरण या फिटनेस रहित वाहन, दुर्घटनाग्रस्त व अनुपयोगी वाहन तथा स्वेच्छा से स्क्रैपिंग के लिए दिए गए वाहन स्क्रैप किए जा सकेंगे। अधिकृत स्क्रैप सेंटर से वाहन स्वामी को सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट और सर्टिफिकेट ऑफ व्हीकल स्क्रैपिंग जारी किया जाएगा। इसके आधार पर नए वाहन की खरीद पर मोटर वाहन कर में 50 प्रतिशत तक (अधिकतम 1 लाख रुपए) की छूट मिलेगी।
निवेश को बढ़ावा देने के लिए विशेष रियायतें
पंजीकृत स्क्रैपिंग यूनिट्स को पूंजी निवेश सब्सिडी, राज्य कर में छूट, ब्याज अनुदान, स्टांप ड्यूटी एवं बिजली शुल्क में रियायतें दी जाएंगी। साथ ही, स्क्रैपिंग और रिसाइक्लिंग से जुड़े स्टार्टअप्स को राजस्थान स्टार्टअप पॉलिसी के तहत समर्थन मिलेगा।
राजस्थान एआई-एमएल पॉलिसी-2026 को मंजूरी
कैबिनेट ने राजस्थान एआई एमएल पॉलिसी-2026 को भी मंजूरी दी है, जिससे प्रदेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में निवेश एवं नवाचार का प्रमुख केंद्र बनेगा। नीति का उद्देश्य एआई के उत्तरदायी, नैतिक और सुरक्षित उपयोग के माध्यम से सार्वजनिक सेवाओं को अधिक पारदर्शी, त्वरित और नागरिक-केंद्रित बनाना है।
नीति के अंतर्गत डेटा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही पर विशेष जोर दिया गया है। साथ ही, प्रदेश में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी। स्कूलों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और कॉलेजों में एआई शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा तथा युवाओं और सरकारी कार्मिकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
ग्रीन क्रेडिट वाउचर योजना को मंजूरी
कैबिनेट ने ग्रीन क्रेडिट वाउचर इनिशिएटिव-2025 को भी स्वीकृति दी। इस योजना के तहत उद्यमों और शहरी निकायों को नवीकरणीय ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कार्यों के लिए ग्रीन क्रेडिट वाउचर प्रदान किए जाएंगे। ग्रीन वाउचर 1 करोड़ रुपए तक के निवेश पर 5 प्रतिशत और 10 करोड़ रुपए से अधिक निवेश पर 10 प्रतिशत (अधिकतम 2.5 करोड़ रुपए) तक होंगे।
राजस्थान रिफाइनरी की संशोधित लागत 79,459 करोड़ रुपए
संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि पचपदरा में निर्माणाधीन राजस्थान रिफाइनरी सह पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स परियोजना की संशोधित लागत अब 79,459 करोड़ रुपए तय की गई है। परियोजना की लागत में 6,522 करोड़ रुपए की वृद्धि हुई है। राज्य सरकार की इक्विटी हिस्सेदारी 26 प्रतिशत रहेगी, जिसके तहत अतिरिक्त 565.24 करोड़ रुपए अंश पूंजी के रूप में दिए जाएंगे।
सेवा नियमों और भत्तों में अहम संशोधन
कैबिनेट ने राजस्थान राजस्व लेखा (राज्य एवं अधीनस्थ) सेवा नियम-2025, राजस्थान विधानसभा सचिवालय सेवा नियमों में संशोधन तथा स्पेशल सिक्योरिटी विंग के कार्मिकों का विशेष भत्ता 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने को भी मंजूरी दी। यह संशोधित दर 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होगी।
इसके साथ ही सप्तम राज्य वित्त आयोग की वर्ष 2025-26 की अंतरिम रिपोर्ट के अनुमोदन को भी कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान की।

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