
जयपुर: विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि विधानसभा में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी मिलकर इस संवैधानिक संस्था की गरिमा और मर्यादाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाएं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के इस मंदिर में कार्य करने वाले प्रत्येक कार्मिक को अपनी श्रेष्ठ क्षमताओं का उपयोग राज्य और राष्ट्र के विकास में करना चाहिए।
विधानसभाध्यक्ष देवनानी बुधवार सायं राजस्थान विधानसभा में आयोजित सेवानिवृत्ति समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर विधानसभा की संपादक (मुद्रण) आशा शर्मा तथा सहायक कर्मचारी रामेश्वर सैन के सेवानिवृत्त होने पर उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।
साफा, पगड़ी और स्मृति चिन्ह भेंट कर दी विदाई
समारोह के दौरान विधानसभाध्यक्ष ने साफा एवं पगड़ी पहनाकर, शॉल ओढ़ाकर तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर आशा शर्मा और रामेश्वर सैन का अभिनंदन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि विधानसभा में सेवानिवृत्त होने वाले प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी के सम्मान कार्यक्रम में शामिल होना उनका निरंतर प्रयास रहता है।
लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने का आह्वान
देवनानी ने कहा कि विधानसभा कर्मियों की भूमिका केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने की भी है। अधिकारी और कर्मचारी अपने कार्य से विधानसभा की प्रतिष्ठा को और ऊंचाई प्रदान कर सकते हैं तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए आदर्श स्थापित कर सकते हैं।
अधिकारी-कर्मचारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर राजस्थान विधानसभा के प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा, वित्तीय सलाहकार अपूर्व जोशी, वरिष्ठ उप सचिव संजीव शर्मा, राजस्थान विधान कर्मचारी सहकारी साख समिति के अध्यक्ष रवि जैन सहित विधानसभा के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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