
जयपुर। राजस्थान सरकार द्वारा युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू किए गए प्रतिष्ठित “राजस्थान यूथ आइकॉन पुरस्कार” के लिए दौसा निवासी देवेंद्र जैमन का चयन किया गया है। सोमवार को जयपुर के एसएमएस (SMS) स्टेडियम में आयोजित राज्य युवा महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने देवेंद्र को इस सम्मान से नवाजा।

यह पुरस्कार बजट घोषणा 2025-26 (बिंदु संख्या 67) के तहत राष्ट्रीय युवा पुरस्कार की तर्ज पर स्थापित किया गया है, जो 15 से 29 वर्ष के उन युवाओं को दिया जाता है जिन्होंने कला, समाजसेवा, शिक्षा या तकनीक के क्षेत्र में असाधारण उपलब्धियां हासिल की हैं।
कौन हैं देवेंद्र जैमन? (एक संक्षिप्त परिचय)
• निवासी: फ़र्राशपुरा गाँव, जिला दौसा।
• आयु: 21 वर्ष।
• शिक्षा: हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से गोल्ड मेडल (2025)।
• क्षेत्र: समाजसेवा।
नुक्कड़ नाटकों से शुरू हुआ सफर, गोल्ड मेडल तक पहुंची सफलता
देवेंद्र जैमन की यात्रा एक साधारण किसान परिवार से शुरू हुई। मात्र 13 वर्ष की आयु से ही उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। उन्होंने महिला सुरक्षा और शिक्षा जैसे गंभीर विषयों पर 13 से अधिक नुक्कड़ नाटकों की प्रस्तुति दी।
शिक्षा के क्षेत्र में भी देवेंद्र ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उन्होंने हरिदेव जोशी पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय, जयपुर में एम.ए. (पत्रकारिता) में प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इसके अलावा, उन्होंने ‘ऑल इंडिया निबंध लेखन’ और उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं सहित 70 से अधिक राज्य व जिला स्तरीय पुरस्कार जीते हैं।

समाज और पर्यावरण के लिए समर्पित कार्य
देवेंद्र की उपलब्धियां केवल व्यक्तिगत सम्मान तक सीमित नहीं हैं:
• स्वास्थ्य क्रांति: ‘बदलाव पॉइंट फाउंडेशन’ के माध्यम से 600 से अधिक लोगों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और रक्तदान शिविर आयोजित किए।
• हरित संकल्प: 17 वर्ष की आयु से हर जन्मदिन पर 11 पौधे लगाने का संकल्प लिया। उन्होंने 1100 से अधिक तुलसी के पौधों का वितरण किया और ‘ग्रीन कैंपस’ मुहिम चलाई।
• प्लास्टिक मुक्त समाज: सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ जन-जागरूकता अभियान का नेतृत्व किया।
• छात्रों के सारथी: विश्वविद्यालय के 500 से अधिक छात्रों की प्रशासनिक और शैक्षणिक समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाई।
युवाओं को संदेश
पुरस्कार प्राप्त करने के बाद देवेंद्र ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा: “असली सुंदरता निस्वार्थ मन में है और असली शिक्षा दूसरों के दर्द को समझने में। समाजसेवा केवल दान नहीं, बल्कि समस्याओं का समाधान है।”


