
जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर के नामचीन नीरजा मोदी स्कूल के लिए साल का अंत किसी बड़े झटके से कम नहीं रहा। 1 नवंबर 2025 को कक्षा 4 की एक मासूम छात्रा की स्कूल की चौथी मंजिल से गिरकर हुई मौत के मामले में CBSE ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्कूल की सीनियर सेकेंडरी स्तर तक की मान्यता तुरंत प्रभाव से वापस ले ली है । बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि वह बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी माहौल को बर्दाश्त नहीं करेगा।
जांच में खुले लापरवाही के ‘पन्ने’
- बोर्ड की ‘तथ्य-खोज समिति’ ने अपनी रिपोर्ट में स्कूल की उन खामियों को उजागर किया है, जो किसी भी माता-पिता का दिल दहला सकती हैं।
- सुरक्षा जाल का न होना: ऊपरी मंजिलों के खुले इलाकों में सुरक्षा के लिए कोई स्टील नेट या ग्रिल नहीं लगाई गई थी।
- साक्ष्य मिटाने का प्रयास: घटना के तुरंत बाद स्कूल ने खून से सनी सीढ़ियों और फर्श को साफ करवा दिया, जबकि उसे फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रखा जाना चाहिए था। स्कूल ने इसका दोष एक सफाईकर्मी पर मढ़ने की कोशिश की, जिसे बोर्ड ने खारिज कर दिया।
- खराब निगरानी: छात्रा चौथी मंजिल तक कैसे पहुंची, इसका कोई सीसीटीवी रिकॉर्ड नहीं मिला क्योंकि स्कूल का बैकअप सिस्टम फेल था।
- अनदेखी: छात्रा के माता-पिता ने पहले भी बुलिंग (परेशान करने) की शिकायत की थी, लेकिन स्कूल ने उसे गंभीरता से नहीं लिया।
अब छात्रों का क्या होगा?
CBSE ने स्कूल की मान्यता तो रद्द कर दी है, लेकिन छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए ‘मिडल पाथ’ निकाला है…
- 10वीं और 12वीं के छात्र: वर्तमान सत्र (2025-26) के विद्यार्थी इसी स्कूल से अपनी बोर्ड परीक्षा दे सकेंगे।
- 9वीं और 11वीं के छात्र: इन विद्यार्थियों को मार्च 2026 तक पास के अन्य स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा।
- नए एडमिशन पर रोक: स्कूल अब न तो नए एडमिशन ले सकेगा और न ही निचली कक्षाओं के बच्चों को प्रमोट कर सकेगा।
वापसी की राह कठिन
स्कूल अब कम से कम एक साल तक सेकेंडरी लेवल की मान्यता के लिए आवेदन नहीं कर पाएगा । सीनियर सेकेंडरी स्तर की बहाली के लिए तो उसे कम से कम दो साल का लंबा इंतजार करना होगा। वहीं, कक्षा 1 से 8वीं तक की कक्षाओं के भाग्य का फैसला अब राजस्थान सरकार का शिक्षा विभाग करेगा।
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