जयपुर | मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मिशन मोड पर कार्य कर रही है। भीषण गर्मी की शुरुआत के साथ ही ग्रामीणों को पानी की समस्या न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर 18 और 19 अप्रैल को प्रदेशव्यापी विशेष निरीक्षण एवं मरम्मत अभियान चलाया गया।
इस अभियान के दौरान जिला प्रशासन और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के अधिकारियों ने सीधे धरातल पर उतरकर जल जीवन मिशन, अमृत योजना और ग्रीष्मकालीन कंटीन्जेंसी कार्यों का सघन निरीक्षण किया।
अभियान की मुख्य उपलब्धियां एक नजर में:
दो दिवसीय इस विशेष अभियान में विभाग की 450 तकनीकी टीमों ने मुस्तैदी दिखाते हुए कुल 2792 शिकायतों को सूचीबद्ध किया, जिनमें से 2775 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।
| कार्य का विवरण | कुल संख्या |
| मरम्मत किए गए हैंडपंप | 1535 |
| पाइप लाइन लीकेज दुरुस्तीकरण | 911 |
| अन्य तकनीकी सुधार कार्य | 329 |
| कुल निरीक्षण (विभिन्न योजनाएं) | 2677 |
प्रशासनिक सक्रियता से मिला त्वरित समाधान
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जिला कलेक्टरों से लेकर विकास अधिकारियों तक ने तकनीकी टीमों के साथ गांव-गांव जाकर व्यवस्थाओं को परखा।
• सघन निरीक्षण: जल जीवन मिशन के 407, अमृत योजना के 80 और ग्रीष्मकालीन कंटीन्जेंसी के 77 कार्यों की बारीकी से जांच की गई।
• मौके पर निस्तारण: अभियान का मुख्य उद्देश्य शिकायतों के अंबार को खत्म करना था। टूटी पाइप लाइनों और बंद पड़े हैंडपंपों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया गया ताकि अंतिम छोर (Tail end) तक पानी पहुँच सके।
“राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि ग्रीष्मकाल के दौरान कहीं भी पेयजल आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए।”
भविष्य की तैयारी
इस अभियान के सफल क्रियान्वयन से न केवल हजारों ग्रामीणों को तत्काल राहत मिली है, बल्कि आने वाले महीनों में जल संकट की चुनौतियों से निपटने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूती मिली है। विभाग अब आगामी मानसून तक इसी सक्रियता के साथ कार्य योजना पर अमल करेगा।










