जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी निर्णय है। यह अधिनियम न केवल लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाएगा, बल्कि नीति निर्माण (पॉलिसी मेकिंग) के स्तर पर भी महिला नेतृत्व को नई मजबूती प्रदान करेगा।
रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं को संबोधित करते हुए भजनलाल शर्मा ने कहा कि इस अधिनियम के लागू होने से दोनों सदनों में एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, जो ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को सिद्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
डबल इंजन सरकार की योजनाओं के केंद्र में मातृशक्ति
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि 2014 के बाद से केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की डबल इंजन सरकार ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण को प्राथमिकता दी है। उन्होंने सरकार की प्रमुख उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए बताया:
• लखपति दीदी योजना: प्रदेश में 16 लाख से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया गया है।
• लाडो प्रोत्साहन व मा वाउचर: बालिकाओं के लिए लाडो प्रोत्साहन योजना और गर्भवती महिलाओं के लिए निशुल्क सोनोग्राफी हेतु ‘मा वाउचर’ योजना चलाई जा रही है।
• सुरक्षा व उद्यमिता: प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘कालिका पेट्रोलिंग यूनिट’ का गठन किया गया है, वहीं ‘मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना’ से महिला उद्यमियों को सहायता दी जा रही है।
• दुग्ध उत्पादक संबल: दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत 5 रुपये प्रति लीटर अनुदान का सीधा लाभ ग्रामीण महिलाओं को मिल रहा है।
विकास की यात्रा में महिलाओं की सहभागिता
भजनलाल शर्मा ने कहा कि आज महिलाएं खेल, रक्षा, विज्ञान और शिक्षा जैसे हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ताओं, उद्यमियों और इन्फ्लुएंसर्स से अपील की कि वे ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर समाज में जागरूकता फैलाएं।
मुख्यमंत्री ने राज्य के आर्थिक विकास का जिक्र करते हुए कहा कि ‘राइजिंग राजस्थान’ के तहत हुए 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू और जयपुर मेट्रो फेज-2 जैसे प्रोजेक्ट्स भविष्य में महिलाओं के लिए सुलभ परिवहन और रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगे।
इस अवसर पर फिक्की, सीआईआई, चिकित्सा, शिक्षा, पुलिस और मीडिया सहित विभिन्न क्षेत्रों की प्रबुद्ध महिलाएं उपस्थित रहीं, जिन्हें केंद्र व राज्य सरकार की महिला कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।











