जयपुर: राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब विपक्ष ने नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा पर सदन के भीतर अमर्यादित व्यवहार करने का आरोप लगाया। विपक्षी विधायकों का दावा है कि मंत्री ने सदन की कार्यवाही के दौरान ‘थूकने’ जैसी अशोभनीय हरकत की, जिससे सदन की गरिमा को ठेस पहुँची है।
क्या है पूरा मामला?
सदन में प्रश्नकाल के दौरान जब विभिन्न मुद्दों पर बहस चल रही थी, तभी कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने शोर-शराबा शुरू कर दिया। इसी गहमागहमी के बीच विपक्ष ने आरोप लगाया कि मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने अपनी सीट पर बैठे हुए अमर्यादित आचरण किया।
विपक्ष के नेता ने इस घटना को “लोकतंत्र के मंदिर का अपमान” बताते हुए मंत्री से तुरंत माफी की मांग की। दूसरी ओर, सत्ता पक्ष ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि विपक्ष केवल कार्यवाही में बाधा डालने के लिए तिल का ताड़ बना रहा है।
सदन में भारी शोर-शराबा और वॉकआउट
घटना के बाद सदन में जबरदस्त नारेबाजी शुरू हो गई। सभापति ने सदस्यों को शांत करने की कोशिश की, लेकिन विपक्षी विधायक वेल (Well) में आकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। संतोषजनक जवाब न मिलने और मंत्री के माफी न मांगने पर विपक्ष ने एकजुट होकर सदन से वॉकआउट कर दिया।
मुख्य बिंदु:
• आरोप: मंत्री झाबर सिंह खर्रा पर सदन के अंदर थूकने और अमर्यादित व्यवहार का आरोप।
• विपक्ष का रुख: घटना को राजस्थान की संसदीय परंपराओं पर काला धब्बा बताया।
• सत्ता पक्ष का तर्क: आरोपों को राजनीति से प्रेरित और गलत बताया।
इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे प्रदेश की राजनीति में नया उबाल आ गया है।


